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Hero ने अचानक से पेश की कार्बन फाइबर वाली ये स्पेशल बाइक, विरोधी कंपनियों की उड़ गई नींद

Hero ने अचानक से पेश की कार्बन फाइबर वाली ये स्पेशल बाइक, विरोधी कंपनियों की उड़ गई नींद
आपको जानकारी दे दें की Hero Centennial को हीरो मोटोकॉर्प के संस्थापक बृजमोहन लाल मुंजाल (Brijmohan Lall Munjal) के 101 जम्नदिन के उपलक्ष्य में लॉन्च किया है. 

दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने आज अपनी नई स्पेशल एडिशन मोटरसाइकिल Centennial को नीलामी के लिए पेश किया है. इस बाइक को पहली बार बीते जनवरी में हीरो वर्ल्ड इवेंट के दौरान दुनिया के सामने पेश किया गया था. उस वक्त कंपनी ने बाजार में अपने दो नए मॉडल Xtreme 125R और हार्ले डेविडसन पर बेस्ड Mavrick 440 को लॉन्च किया था.

Hero Centennial Edition: किसे मिलेगी बाइक

हीरो मोटोकॉर्प ने इस बाइक को कंपनी के संस्थापक बृजमोहन लाल मुंजाल (Brijmohan Lall Munjal) के 101 जन्मदिन के उपलक्ष्य में लॉन्च किया है. कंपनी का कहना है कि, ये बाइक केवल इसके कर्मचारी, एसोसिएट्स, बिजनेस पार्टनर और स्टेक होल्डर्स को ही बेची जाएगी. यानी इस बाइक को आम-आदमी जो कंपनी द्वारा निर्देशित इन दायरों में नहीं आता है वो इसे नहीं खरीद सकते हैं. हीरो अपनी इस स्पेशल बाइक की डिलीवरी सितंबर महीने में शुरू करेगी. ख़ास बात ये है कि इस बाइक के केवल 100 यूनिट्स ही बनाए और बेचे जाएंगे.
 

कैसी है ये बाइक

सबसे पहले बता दें कि, ये बाइक कंपनी के मशहूर मॉडल Hero Karizma XMR के प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है. इसमें कार्बन फाइबर बॉडी वर्क देखने को मिलता है. जो कि सिंगल सीट के साथ कुछ नए कंपोनेंट्स और फीचर्स से सजाई गई है.

इसमें फुली एड्जेस्टेबल सस्पेंशन, एक्रोपोविक का कार्बन फाइबर एग्जॉस्ट मफलर दिया गया है. इन बदलाव के बाद बाइक का वजन बढ़ गया है और इसका वजन 158 किग्रा हो गया है. जो करिज़्मा से तकरीबन 5.5 किग्रा हैवी बनाता है. कंपनी ने इसमें MRF के टायर्स का इस्तेमाल किया है.

कितनी है कीमत

चूंकि हीरो मोटोकॉर्प ने इस स्पेशल एडिशन मोटरसाइकिल को चुनिंदा लोगों के लिए लॉन्च किया है. इसलिए इस बाइक को नीलामी के रखा गया है. यानी इस बाइक की कोई कीमत तय नहीं की गई है. ये एक कलेक्टर एडिशन बाइक है, जिसे हीरो मोटोकॉर्प के फैंस के लिए पेश किया गया है. हालांकि इसे बाजार में बिक्री के लिए नहीं उतारा गया है. 

हीरो मोटोकॉर्प के चेयरमैन, एमडी और सीईओ पवन मुंजाल ने इस मौके पर कहा कि, "मेरे पिता और हीरो मोटोकॉर्प के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. बृजमोहन लाल मुंजाल ने दुनिया भर में अरबों लोगों को प्रेरित किया.

उनकी दूरदृष्टि ने भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग और भारतीय उद्योग के परिदृश्य को बदल दिया, और अपने पीछे सरलता, इनोवेशन, साहस और ईमानदारी की विरासत छोड़ी. हम उनका शताब्दी वर्षगांठ के एक वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, मुझे 'द सेंटेनियल' को पेश करते हुए बहुत खुशी और गर्व हो रहा है. "

साइकिल पार्ट्स से शुरू हुआ था सफर

बता दें कि, बृजमोहन लाल मुंजाल का जन्म 1 जुलाई 1923 को अविभाजित भारत के कमालिया में हुआ था, जो वर्तमान पंजाब, पाकिस्तान के टोबा टेक सिंह जिले में स्थित है.

वे 1944 में 20 साल की उम्र में अपने तीन भाइयों दयानंद, सत्यानंद और ओम प्रकाश के साथ कमालिया से अमृतसर आए थें. उन्होंने अपना करियर इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करके शुरू किया था. 

आगे चलकर अमृतसर में मुंजाल और उनके भाइयों ने साइकिल पार्ट्स का व्यवसाय शुरू किया. बाद में वे लुधियाना चले गए, जहाँ 1954 में उन्होंने हीरो साइकिल्स लिमिटेड की स्थापना की और साइकिल पार्ट्स बनाना शुरू किया. शुरुआती दौर में उन्होनें फॉर्क्स बनाया और फिर फिर हैंडल और अन्य पार्ट्स जोड़े. 

जब बनी दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल कंपनी

1956 में पंजाब सरकार ने साइकिल बनाने का लाइसेंस जारी किया. उनकी कंपनी को यह लाइसेंस मिला और यहीं से उनकी दुनिया बदल गई. सरकार से 6 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और अपनी खुद की पूंजी के साथ, हीरो साइकिल्स ने "लार्ज स्केल यूनिट" का दर्जा प्राप्त करके साइकिल मैन्युफैक्चरिंग में कदम रखा.

उस समय कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 7,500 साइकिल थी. 1975 तक यह भारत की सबसे बड़ी साइकिल कंपनी बन गई थी और 1986 में हीरो साइकिल्स को दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल कंपनी के रूप में गिनीज बुक में दर्ज किया गया.

हीरो-होंडा की शुरुआत

साइकिल कंपनी के बृजमोहन लाल मुंजाल ने हीरो मैजेस्टिक नाम से दोपहिया वाहन कंपनी की शुरुआत की. इसमें उन्होंने मैजेस्टिक स्कूटर और मोपेड बनाना शुरू किया. 1984 में उन्होंने जापान की बड़ी ऑटो कंपनी होंडा के साथ डील की और यहीं से हीरो-होंडा की शुरुआत हुई.

होंडा के साथ मिलकर उन्होंने हरियाणा के धारूहेड़ा में पहला मोटरसाइकिल प्लांट लगाया. 13 अप्रैल 1985 को हीरो होंडा की पहली बाइक CD 100 बाजार में आई जो. साइकिल पोर्ट्स से शुरू हुआ सफर आज दुनिया के सबसे बड़े दोपहिया निर्माता तक पहुंच चुका है, जो अनवरत जारी है.